एक औरत थी , उसके पास अद्भुत शक्ति थी , वो सच और झूट तुरंत पकर लिया करती , कोई भी तथ्य उसके सामने छुपे नहीं रह पाते थे , इसलिए उसके पास दूर-दूर से लोग अपना-अपना 'मामला' ले कर आते और वो तुरंत सारे सच और झूट पता कर लेती , उसकी इस शक्ति की खबर पुरे समाज में फैल गयी। अपनी अपनी परेशानी लिए लोगों की भीड़ रोज़ रोज़ आने लगी , लोगों को रोज़ की माथा-पच्ची से राहत मिल गयी , अब तो कोई भी एक छोटा सा मसला भी अगर फँस जाता तो लोग आपसी सहमति से सुलझाये बिना सीधा देवी के चरणों में आ गिरते , एक दूसरे का झूट पकरने की होड़ सी समाज में लग गयी थी। फिर एक दिन कमला बाबू ने देवी के घर के पास पान की दुकान खोली , पान की दुकान के सामने आवसीय होटल खुल गया , चार पांच लौंडे लपाटे भी अपनी जेब भरने के खातिर भीड़ को मैनेज करने लगे , इसी में कोई किसी पक्ष से मोटी रकम ले कर देवी से पहले मिलवा देता तो जो एक रोकड़ा भी नहीं दे पाते उसकी बारी को ये अाने नहीं देते , भाड़ी संख्या में ...